नमस्ते दोस्तों मैं ऋचा कर्ण आपको अपने motherhood की journey के बारे में बताती हूँ।अपना सुखद अनुभव बताती हूँ । शायद आपको.......
अच्छी लगेगी☺😊..........।
 ...........              माँ शब्द ही प्यारा है,प्यार से भरा...दिल,से बोला
आत्मा को छूता है...............☺
मातृत्व,   एक सुखद एहसास एक ऐसी दुनिया जो सिर्फ
बच्चों के मासूमियत से भरी रहती है। माँ बच्चे पे प्यार लुटाती है और बच्चा माँ पर..........☺😊बस प्यार और
        खुशियों से भरी दुनिया.....।
आसान शब्दों में मातृत्व एक सुखद यात्रा है जीवन की जहाँ हम अपने बच्चों पे पूरी ज़िंदगी लुटा देते हैं। 
(1)गर्भावस्था-सुखद एहसास जहाँ हमें ये पता होता है कि
हमारे अंदर एक जिंदगी सांस ले रही है ये खुशी वो बेहतर
समझते होंगे जो इस पल को जिये हैं। हम अपना ख्याल
रखने लगते हैं।परमात्मा को से दिन रात प्रार्थना करते हैं 
कि हम स्वस्थ रहे।.........     😊

(1से 9 महीने)- बहुत कठिनाई और परेशानी भरी होती है। शरीर में बहुत सारे बदलाव होते हैं।बहुत मुश्किलें आती है।परंतु बच्चे के हलचल का एहसास काफी आनंद दायक 
होता है। बस उस क्षण का इंतजार रहता है कब नन्हीं सी
जान को हम अपने गोद में लें बस यही सोच कर हम इस
लंबी यात्रा को पार कर लेते हैं।
...................आज के लिये इतना ही कल फिर अपनी 
       यात्रा को आगे बढ़ाएंगे............😊😊😊