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सुना है नई बहू तलाकशुदा है । पहले पति से तलाक लेकर तब जाकर हमारे सचिन से विवाह किया है इसने !
हां ,हां ,तुम ठीक कह रही हो मैंने भी ऐसा ही सुना है । आजकल की लड़कियां एक विवाह संभलता नहीं दूसरी कर लेती हूं । रिश्ता निभाना तो इन्हें आता ही नहीं !
अरे थोड़ा मुडियल था इसका पति! मेरे पीहर के पास वाले गांव में ही इसकी पहली शादी थी । मर्द तो थोड़े मुड़ियल होते ही है । एक बार हाथ क्या उठा दिया ,,,,, इसने तलाक दे दिया । रिश्ता निभाने के लिए औरतों को थोड़ा बर्दाश्त करना पड़ता है । हमारे ही पति क्या हमें नहीं डांटते कभी-कभी मूड खराब होता है तो दो-चार झापड़ लगा भी देते हैं । वह तो हम लोग ही हैं जो मूड को भापकर चुप रह जाती हैं नहीं तो रोज महाभारत हो घर में । अरे कभी मारते हैं तो कभी प्यार भी तो यही जताते हैं ।
लेकिन आजकल की लड़कियां मुंह लगा जवाब लगाती हैं पति को तो कुछ समझती ही नहीं ....पति एक कहता है तो वह चार कहती हैं । सुना है इसके पति ने एक झापड़ लगाया तो इसने भी सब लोगों के बीच में पति को भी एक झापड़ लगा दिया । इतनी जबरदस्त है ई लड़की ! न जाने सुमित्रा बहन कैसे संभालेगी इसे । सुमित्रा ने फूल से बेटे का जीवन बर्बाद कर दिया अपने आदर्शों के चक्कर में ।
लेकिन भाभी इसके पति ने सबके बीच में झापड़ क्यों लगाया । क्या गलती किया था इसने !
पति की अवहेलना की गलती ......भाई लिवाने आया था पति ने मना किया फिर भी सामान समेटकर जाने लगी महारानी ! मां बीमार है यही बहाना था इसका ,,,,,,,, इसी पर तू - तू मैं - मैं हो गई। मर्द है गुस्से में बोल दिया कि मैं सब जानता हूं ... तुम मां की बीमारी का बहाना करके अपने यार से मिलने जा रही है । पूरा परिवार ही चरित्रहीन है तुम्हारा ! जैसी मां वैसी बेटी ! बोलते हुए एक झापड़ जड़ दिया फिर यह भी कहां कम थी यह भी लगा दी पलटकर .....
सच कहती हैं भाभी !आजकल की लड़कियां दो अक्षर पढ़ क्या लेती हैं । अपने आपको झांसी की रानी समझने लगती है ।
सबकी बातें सुनकर सुमित्रा को महसूस हो रहा था सच में कहीं ना कहीं औरत की इस दुर्दशा की
जिम्मेवार स्वयं औरत भी है । उसने सारे अन्याय को अपनी किस्मत मान कर स्वीकार कर लिया है और दूसरों को भी बाध्य करती है इसे स्वीकार करने के लिए ।
.....✍️ पिंकी मिश्रा

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