बड़े अरमानो से मैंने पाला था जिसको
आज देखो वो विदा हो चली है
आज मेरी लाडो जुदा हो चली है
सदा नेकी के सांचे मे ढाला था जिसको
आज देखो वो विदा हो चली है
आज मेरी लाडो जुदा हो चली है
बाबुल का घर अब हुआ बेगाना
नये घर मे परिवार की इज़्ज़त बढ़ाना
आज तू उस घर की सदा हो चली है
आज मेरी लाडो जुदा हो चली है
तेरा कमरा रहेगा हमेशा सलामत
हमेशा करेंगे हम इसकी हिफाजत
आज मेरी बेटी दुआ ले चली है
आज मेरी लाडो बिदा हो चली है
याद आएगी तेरी वो बचपन की बातें
याद आएगी तेरी मीठी सी शरारतें
मेरे घोंसले की वो लाडली चिड़िया आज देखो कहाँ उड़ चली है
आज मेरी लाडो विदा हो चली है
जा मेरी बेटी आशीर्वाद रहे हमारा
सदा ख़ुश रहे ये जीवन तुम्हारा
आज इस घर की खुशियाँ ले चली है
आज मेरी लाडो जुदा हो चली है
मुकेश लखनवी

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