फलों के राजा आम का मौसम आया।
किस किस ने गुड़म्मा बनाया है खाया।

खाया नहीं तो मैं बतलाऊँ इसे बनाना।
कच्चे देशी आम छील कर इसे बनाना।

छिले आम देशी गुड़ पानी और बढ़ाना।
मंगरैल सौंफ जीरा मिर्चा नमक लगाना।

इन सब को ले साथ कुकर में है पकाना।
दो से तीन सीटी बजे तो चूल्हे से हटाना।

कुछ ठंडा जब हो जाये तो कुकर खोलें।
ले बर्तन में स्वाद चखें वाह गुड़म्मा बोलें।

खटमिट्ठा स्वाद लगे और खाने में अच्छा।
गुठली पूरी चाटें मीठे रस  संग हर बच्चा।

गुठली के अंदर रहती आम  की विजुली।
अंत जून तक  पक जाती है यह विजुली।

स्वादिष्ट गुड़म्मा खा लें तभी गुठली फोड़ें।
गुठली अंदर विजुली के छिलके को छोड़ें।

इसे खायें पिए पानी ये पाचन में है अच्छा।
पेट रोग में  भी फायदा पहुँचाता है अच्छा।

यही फायदा है गुड़म्मा बनाने व खाने का।
आप भी बनायें गुड़म्मा मजा लें खाने का। 


रचियता :

डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव