🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
मुस्कुराना हमारी मज़बूरी थीं हँसना जैसे कोई सजा हो
ऐसी हाल किसी का भी ईस दुनिया में कभी किसी का ना हो
आया था बहारों के मौसम में चाहत की पंछी बनके
चला गया वीरान करके पूरी ज़िन्दगी हमारी, दर्द का तूफान बनके
हैंरा हूँ क्यूँ नहीं समझ पायी उन आँखों के साज़िश हम
जाने दुख तो होती पर इतना भी ना बिखर ते हम
बनके अहसास मोहब्बत के साँसो में नफरद कर जहर भर गया
चला गया वीरान करके पूरी ज़िन्दगी हमारी, दर्द का तूफान बनके
मासूम चहरे के पीछे उसकी वो फरेबी अदा देख नहीं पायी
चुभा हैं ईस तरह नासूर बनके जिसे अब तक दिल से फेक नहीं पायी
हालात बदली तो समझ पायी ये फ़ितरत होती हैं खुदगरज़ो का
चला गया वीरान करके पूरी ज़िन्दगी हमारी, दर्द का तूफान बनके
भूल चुकी थीं उसकी प्यार में परदेसी पंछी माने जाते हैं
कही पर एक दिन गुजारते हैं कही ठहर जाते कुछ राते हैं
क्या वजह थीं हम में जो हमसे ही दिल लगी कर बैठा
चला गया दिल तोड़ के हमारी, दे गया ताउम्र के लिए दर्द जैसे
किसी से कोई शिकायत नहीं हैं कोई गिला किसी से
हुआ वही हमारे साथ जो लिखा हुआ था मेरी किस्मत में
ये साबित कर गया की हम नहीं हैं किसी प्यार के काबिल
तभी तो खेल गया दिल से हमारी, छागया ज़िन्दगी में दर्द की बादल बनके
अब संभल चुकी हैं जो ज़िन्दगी मेरी अब कभी भटकना नहीं हैं
कितना भी कोई दिल लगी करें बातो में किसीके आना नहीं हैं
जब वो छल गया बेपनाह मोहब्बत को मेरी जिसे दिल ने चुना था
वो चला गया वीरान करके पूरी ज़िन्दगी हमारी, दर्द का तूफान बनके
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
नैना.....✍️✍️🌺🌺🌺
(काल्पनिक...)

0 टिप्पणियाँ