भींगी हुई सड़क देख बचपन की याद आ गई,

गाँव की कच्चीमिट्टी वाली सड़कें जब रात भर
होती थी बारिश सुबह छोटी सी तालाब बन जाती
थी सड़कें कितनी परेशानी होती थी सबको आने जाने में
पर हम बच्चों को तो इंतजार रहता था । कब तालाब का
निर्माण हो जिसमें हम अपनी कागज की छोटी सी नाव चलाये । बचपन का सावन, कागज की नाव आज भी
याद आती है ।
 ऋचा कर्ण😊✍