विजय बाण भरकर तूणीर
लहरा आसमां में तू शमशीर
निराशा के बादलों को चीर
छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।।
तू बन भागीरथ बहा हिमालय से गंगा का नीर
बेड़ियों को तोड़, हवाओं का रूख दे मोड़
कर्म का हथोड़ा मार पत्थर पर खिंच कर्म लकीर
छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।।
तू बन विवेकानंद हो धीर गंभीर
विवेक वैराग्य मन में धार, वासनाओं पर कर प्रबल वार
चरित्र निर्माण कर कलम उठा,तू खुद खुदा लिख अपनी तकदीर
छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।।
तू तज संताप बन शिवाजी बन प्रताप
बन सुखदेव राजगुरु भगतसिंह सुभाष आजाद
दुश्मन की छाती पर कर सिंहनाद कर सिंहनाद
अखंड भारत का निर्माण कर डंका बजा कन्याकुमारी से कश्मीर
छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।।
तू बन कित्तूर की रानी, झांसी की रानी
सरोजिनी नायडू,सुचेता कृपलानी
भृकुटी तान कर रण की तैयारी भावनाओं की तोड़ तू जंजीर
छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।।
औकात नहीं पड़ोसियों की जो भारत माता की तरफ आंख उठा सके
तूने लहराया जो दुश्मन की छाती पर तिरंगा उस तिरंगे को कोई झुका सके
देश पर दिलों जां कुर्बान कर शत्रु के लिए बन जा टेढ़ी खीर
छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।।
विजय बाण भरकर तूणीर
लहरा आसमां में तू शमशीर
निराशा के बादलों को चीर
छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर ,छू ले आसमां भारत की नारी भारत के वीर।।
पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏💐💐

0 टिप्पणियाँ