रसोई और नारी का एक अटूट नाता है,
रसोई मे नारी का होना सबको भाता है!
मसाले,अचार,सब्जी, आटा,दाल, चावल सबको अच्छी तरह पहचानती है,
कब क्या है और कैसे बनाना,ये सब वो भली-भाँति जानती है!
पेट के जरिए कैसे दिल मे है उतरना,ये नारी को अच्छी तरह आता है!
दही हो या दूध,छाछ वो हर चीज को प्यार से संभालती है!
अपना लगभग आधा जीवन वो रसोई मे ही गुजारती है!
एक दिन भी रसोई मे ना जाना उसको नही भाता है!
रसोई और नारी का एक अटूट नाता है!
श्वेता अरोडा

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