फूलों की खुशबू सा ,जीवन मेरा महके
उमंग से भरा पक्षी , जैसे सुर में चहके ।।
चहुंओर खुशी का , सुगंध जो बिखरे
जीवन की बगिया में, खिलखिलाते चेहरे ।।
फूलों की खुशबू में ,भौंरो का गुन-गुन
जीवन संगीत में , जैसे सुरों का धुन-धुन ।।
मुश्किलें भी शामिल है, कांटों की चुभन में
फिर भी खुशबू महके , छोटे बगियन में ।।
पवन का झोंका , बगिया में आया
फूल लहराता , फिर भी न डगमगाया ।।
सुंदर पुष्प ने , आंगन मेरा महकाया
मुश्किल वक्त में , स्वयं को मजबूत पाया ।।
फूलों की खुशबू सा , जीवन मेरा महके
उमंग से भरा पक्षी , जैसे सुर में चहके ।।
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मनीषा भुआर्य ठाकुर

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