हे धरती के सबसे बुद्धिमान प्राणी, इन वन्य जीवों पर भी दया करो
पर्यावरण का न दोहन करो, अरे कुछ तो हया करो
जरा सोचो अगर ये वन्य जीव नहीं होते तो पर्यावरण संतुलन कैसे होता
और अगर ये न होते तो फिर ये मानव जीवन कैसे होता
न होते घोड़े तो दूर तलक कैसे जाते
न होते घोड़े तो युद्ध कैसे जीत पाते
न होता शेर तो छोटे जानवर भयभीत न होते
करते परेशान तुमको भी और किसी के मीत न होते
ये तो कुछ उदाहरण हैं जो वन्य जीव की महत्ता समझाते हैं
और करो रक्षा पर्यावरण की बस यही सीख दे जाते हैं
हे मानव जिस दिन तुम कोई बाग़ नहीं उजाड़ोगे
मिलेगी उनको भी पनाह और अपना जीवन सुधारोगे
जरा सोचो अगर अंधाधुंध पेड़ पौधे काटते रहे तो ये बेचारे कहाँ जाएंगे
और फिर एक दिन ऐसा होगा, जब ये तुम्हारे घर आएंगे
तब सोचोगे की काश मैंने उनका आशियाना न उजाड़ा होता
तो वन्य जीव वहीं रहते और अपना भी गुजारा होता
मुकेश लखनवी

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