स्वर्ग यही है नर्क यही है
 मानव तू ले इसको मान,
गफलत में मत घूम रे मनवा
 खुद को एक बार ले पहचान।।।।।।

 ना डर किसी की चुगली से
 ना डर किसी की निंदा से ,
बस कर्म अच्छे करता जा 
फल की मत चिंता तू जान।।।।।।।

मेरा तेरा करते-करते
 लाखो गए लाखों ने जाना,
 व्यर्थ समय न गवां रे बंदे 
परहित को सर्वोपरि मान।।।।।।

 छोड़ दे लालच छोड़ दे मोह
मत कर खुद से तू अब द्रोह,
स्वार्थ का यह जग है सारा
छेड़ प्रभु के गुण की तान ।।।।।।

स्वर्ग यही है नर्क यही है
 मानव तू ले इसको मान।।।।।।