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खुद को भुला कर मैं तुझमे कही खोकर जीना चाहती हूँ
नहीं चाहिए साथ इस खुदगर्ज दुनिया की मुझे
मैं सिर्फ तेरे होकर ताउम्र ज़िन्दगी जीना चाहती हूँ....!!
संग तेरे हँस लूगी खुल कर गम में भी कभी कोई गिला ना करुँगी
दर्द जो मिला ज़िन्दगी में कंधे पर सर रखकर तेरे मैं रो लूगी
मैं सिर्फ तेरे होकर ताउम्र ज़िन्दगी जीना चाहती हूँ....!!
काँटे भी फूलो सी नम्र लगती हैं राहो में जो तुम हो
मेरी दुनिया मेरी खुशियाँ सिर्फ तुम्ही बस हमनवा हो मेरी
इसीलिए मैं सिर्फ तेरे होकर ताउम्र ज़िन्दगी जीना चाहती हूँ....!!
आजाती हैं नूर चहरे पर जब ख्याल तेरे दिल से टकराती हैं
खुशनुमा वजह मिलजाती हैं होठों को मुस्कुराने की कयी
उसी अहसास में डूब कर मैं अपनी जीने वजह बनना चाहती हूँ....!!
नहीं पता मुझे क्या होगा आगे मेरी ज़िन्दगी में
देखी ख्वाब जो इन आँखों ने टूटेगी या मुक़्क़मल होंगी मैं दुवाएँ मेरी जो
सिर्फ तेरे होकर नैना ताउम्र ज़िन्दगी जीना चाहती हूँ....!!
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नैना...✍️✍️💘💘

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