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इस शताब्दी का सब से,बड़ा पावन यही अनुष्ठान।
अयोध्या जी में होरहा,सुन्दर भव्य मंदिर निर्माण।।
130करोड़ देशवासियों,के लिए अहम दिन होगा।
राम काज हित देश ने,मर्यादा पालन किया होगा।।
कितने लंबे संघर्ष व साधना,की ये सिद्धि हुयी है।
हिन्दू देशवासियों के गौरव,में यह संवृद्धि हुयी है।।
भव्य मंदिर में राम लला जी,अब होंगे विराजमान।
विश्व पटल पर श्रीराम मंदिर,का सदा रहेगा मान।।
राम हिन्दू संस्कृति का,एक संस्कार एवं आधार है।
राम-2लिख पत्थर पे,वानर सेना समुद्र के पार है।।
पूरी दुनिया के भारत भक्तों,राम भक्तों को बधाई।
आज ख़ुशी के वो क्षण पल,आया है ये सुखदाई।।
घर-घर गांव-गांव से मंदिर,बनने को आईं शिलायें।
रामकाज कीन्हे बिना,मोहिं कहाँ विश्राम दिलायें।।
श्रीराम सा नीतिवान,कुशल शासक हुआ न कोई।
श्रीराम प्रजा से एक सम,रखते प्रेम चाहे हो कोई।।
श्रीराम ने ही हमें सिखाया,भय बिन होय ना प्रीति।
अच्छे कर्म का पुरस्कार,बुरे कर्म में दंड की रीति।।
इस ऐतिहासिक पल का,यह मेरी रचना साक्षी है।
श्रीराम मंदिर निर्माण,समपर्ण निधि भी साक्षी है।।
जय श्रीराम जै श्रीराम,जै श्रीराम जयजय श्रीराम।
जै हनुमत जै हनुमान,जै जै जै जै जय सियाराम।।
रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव

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