यह मूंग की दाल
 बड़ी बेमिसाल है
 ना जाने कैसे हुआ होगा इसका जन्म ,
लेकिन बड़े अच्छे हैं इस दाल के कर्म ।
कोई रोगी हो, निरोगी हो सब चांव से इसको खाते हैं
 इसके खाने से तन ,मन दोनों  स्वस्थ हो जाते हैं ।
जब जीरा हींग राई कड़ी पत्ता का तड़का इसमें लगता है
 तब पास पड़ोस में सबके मन को झटका सा लगता है।
 सब कहते सीमा मैडम की दाल की खुशबू बड़ी आती है हमारे मनों को अक्सर यह दाल विचलित क्यों कर जाती है। रोगी को भाती है मूंग की दाल का खिचड़ी, दलिया
 हर व्यंजन इसका लाजवाब है बहुत ही बढ़िया ।
जबप्याज ,टमाटर अदरक के संग सूखी दाल बनाते हैं।
 खाने वाले उंगलियां भी चाटतेचले जाते हैं ।
जब मूंग दाल की बनाते हैंमंगोड़ी 
थोड़ी छोटी छोटी थोड़ी बड़ी बड़ी
 पुदीने की चटनी संग चटकारे लगाते हैं 
बड़े ,छोटे ,बूढ़े बच्चे सब गप गप कर खा जाते हैं।
 मूंग की दाल का हलवा
 इसका तो जरा अलग है जलवा 
शादी ब्याह इसके बिना सूने से रह जाते हैं
 नानी के घर जाकर इसकी पिन्नी बनवा कर खाते हैं।
 मूंग दाल के बड़ी पापड़ राजस्थान की शान है
 पश्चिमी देशों तक फैली इसका बड़ा मान है
 कहने को तो दाल है
 पर बड़ी मालामाल है
 दिल लगाकर पकाओ, खाओ
 यह दाल बड़ी बेमिसाल है
 यह दाल बड़ी बेमिसाल है।