डर अच्छा है
डरना बेहद जरूरी है
वरना जमाना मगरूर है इतना
कानों तले जूं तक ना रेंगती
लाख समझा लो तुम चाहे जितना
ये लातों के भूत है जनाब बातों से कब मानते हैं
डर के कारण ही मार आगे भूत भागते है
डर के कारण ही मार आगे भूत भागते है।।
इसीलिए कहता हूं मैं
डर अच्छा है
डरना बेहद जरूरी है।
मां बाप से डरकर ही बच्चा
अच्छा बुरा समझता है
जो नहीं डरता वो बड़ा होकर
मां बाप के सर पर ही मूंग दलता है।
इसीलिए कहता हूं मैं
डर अच्छा है
डरना बेहद जरूरी है।
गुरू से डरकर ही शिष्य
नई राह चलना सीखता है
जो नहीं डरता वो बड़ा होकर
जमाने की ठोकरें खा दर दर भटकता फिरता है
इसीलिए कहता हूं मैं
डर अच्छा है
डरना बेहद जरूरी है।
पत्नी से डरकर ही पति
सीधी राह चलता है
जो नहीं डरता वो सब कुछ खोकर
शादीशुदा होकर भी कुंवारों की जिंदगी जीता है।
इसीलिए कहता हूं मैं
डर अच्छा है
डरना बेहद जरूरी है।
कानून से डरकर ही अपराधी
अपराध त्याग व्यवहार अपना बदलता है
जो नहीं डरता वो डंडे खाकर
दिन रात सलाखों के पीछे बेड़ियों में जकड़ता है।
इसीलिए कहता हूं मैं
डर अच्छा है
डरना बेहद जरूरी है।
इज्जत मान मर्यादा से डरकर ही इंसान
स्व में स्वाधीन हो सद्चरित्र पर खरा उतरता है
जो नहीं डरता वो निजसम्मान खोकर
विषैले सांपों की तरह स्व समाज को ही डसता है।
इसीलिए कहता हूं मैं
डर अच्छा है
डरना बेहद जरूरी है।।
पिंटू कुमावत'श्याम दिवाना'🙏🙏 💐💐

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