कुॅंवारी लड़कियों के मन में और आंखों में अपने जीवनसाथी को लेकर ढ़ेर सारे सपने होते हैं मेरे भी मन में थे । मैं भी सोचती थी कि मेरा जीवनसाथी पहले तो मुझसे अपने प्यार का इजहार करेगा मुझे जगह- जगह घुमाएगा। हम दोनों दुनिया से बेखबर हमेशा एक-दूसरे में खोए रहेंगे। ये सब मैंने फिल्मों में देखा था शायद फिल्मों का ही असर रहा होगा जो मैं ये सब सोच रखी थी। मेरी शादी फौज में जाॅब करने वाले से हुई । शादी से पहले मैंने अपने पति की बस एक ही फोटो देखी थी वो भी पासपोर्ट साइज। जिसमें वो बिल्कुल भी अच्छे नहीं लग रहे थे लेकिन जिन लोगों ने इन्हें ( हमारे समाज में पति को नाम लेकर नहीं बुलाते हैं इनकी उनकी, इन्हें, उन्हें इन्हीं नामों से संबोधित करते हैं ) देखा था वो इनकी तारीफ ही करते थे। फोटो देखने के बाद मन में कुछ बातें थी जिन्हें मैंने वक्त और माता रानी पर छोड़ दिया था। खैर मेरी शादी का दिन भी आ गया जैसे एक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की की शादी होती है उसी तरह मेरी शादी भी हो गई । बड़े- बुजुर्ग से सुना था कि शादी के दिन पति को देखने से तमाम उम्र लड़ाईयां होती है इसलिए मैंने शादी के दिन इन्हें नहीं देखा । मैंने इन्हें विदाई वाले दिन देखा । देखकर मन में खुशी हुई कि फोटो जैसे नहीं हैं बल्कि मोहल्ले के लोगों ने जैसा कहा था ठीक वैसे ही है। पहली नजर से ही मैं उन्हें पसंद करने लगी। मेरी विदाई हुई और मैं अपने मायके से ससुराल में आ गई। नयी नयी शादी थी सब कुछ अच्छा ही था लेकिन जैसा फिल्मों में देखा था वैसा बिल्कुल भी नहीं था फिर भी हम एक-दूसरे के साथ खुश थे। हमारे बीच जब बातें होती मैं चाहती थी कि वो शुरुआत करे और वो चाहते थे कि मैं शुरुआत करूं। ऐसा लगभग रोज होता। इसी तरह प्यार भरी नोंक- झोंक के बीच इनकी छुटियां खत्म हो गई और इनके यूनिट में जाने का वक्त आ गया । मैं बहुत रोई । इनसे दूरी मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी । किसी तरह मैंने अपने मन को समझाया और ये चले गए। बाद में इन्होंने मुझे खत में लिखा था कि जो हालत मेरी थी बिल्कुल वही हालत उनकी भी थी। अब हम दोनों टेलीफ़ोन पर बातचीत करते । हमारे बीच रोज रात को बातें होती । घर के बाकी सदस्यों के बात करने के बाद मेरी बारी आती थी। हमारे बीच इतनी बातें होती कि मेरे ससुर जी यहां तक कहने लगे कि दोनों रोज एक नया इतिहास लिखा करते हैं। हमारे बीच प्यार उस समय भी था और आज भी है मगर हम दोनों आज भी चाहते हैं कि प्यार की शुरुआत सामने वाला ही करे। वो चाहते हैं कि मैं शुरुआत करूं और मैं चाहती हूं कि वो शुरुआत करे और ये सिलसिला निरंतर चलता ही आ रहा है और आगे भी चलता ही रहेगा।
" बेशक तेरे इश्क में तेरे प्यार में पड़े है हम,
मगर प्यार की शुरुआत तुम्हीं से चाहें हम " ।
" गुॅंजन कमल " 💓💞💗

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