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सौम्य शीतल निर्मल वायु---
स्पर्श करते तन की होती दीर्घायु,
जीवन में देती संदेश,
इसका ना कोई रंग ना भेष,
जेठ में प्राणवायु बन जाती,
शीतलता का एहसास कराती,
चुपके से तन को छू जाती,
कभी नहीं एहसान जताती,
एक मनमोहक एहसास कराती,
ना कोई राग ना कोई कोई द्वेष,
प्रेम का देती मनमोहक संदेश,
संगीता वर्मा✍️✍️

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