उम्मीद ने चुपके से मेरे कानों में आकर कहा
सब्र रख,निराश न हो ,फिर से प्रयास कर

कोशिश करने से मंजिल मिलती जरूर है
चाहे वो  क्यों न कितनी भी  दूर है

कदम पीछे न हटाना ,आगे बढ़ते जाना
बाधाएँ तो आयेंगी उनसे क्या घबराना...