खुश होती हूं तो आ जाते हैं,उदास होती हूं तो आ जाते हैं,
ये आंसू ही तो है जो हरदम मेरा साथ निभाते हैं!
सरहद पर मेरे भाई देश के लिए लडते है,तो गर्व से मेरी शान बढाने को आ जाते हैं मेरे आंसू !
मानव को मानवता निभाते देखते हैं, तो आ जाते है मेरे आंसू!
किसी दीनःदुखी को देखकर, करूणा से भर आते है मेरे आंसू!
हारे हुए को सहारा देते हैं मेरे कंधे,तो जज्बात मे बह जाते है मेरे आंसू!
कमजोरी नही मेरी ताकत को दर्शाते है मेरे आंसू!
श्वेता अरोडा

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