तुम्हीं रौशनी बन गए 
तुम्हीं ज़िंदगी बन गए 

साथ मिला जो तुम्हारा 
तुम्हीं नुमाइंदगी बन गए 

हाथ जो रखा तुमने सिर पर 
तुम्हीं संजीदगी बन गए 

हर पहर नाम ले तुम्हारा 
भोले तुम्हीं बंदगी बन गए 

अनजानी राहों के हमसफर 
"झा"वही जीवन के तिश्नगी बन गए 

आरती झा(स्वरचित व मौलिक) 
दिल्ली 
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