याद है मुझे
उस रात जब सोई मैं,लाई थी दूध की कटोरी,
सुनाई थी लोरी तूने, सर को सहलाया ,
अपने आंचल मे सुलाया था तुने,
अच्छे संस्कार, उच्च शिक्षा दिलाई थी तूने,
यही सब करती रही, मुझको धीरे धीरे बड़ा किया तूने,
याद है मुझे माँ
लाल जोड़े में सजा कर, जब नजर उतारा था तुने,
रोऐ थे हम दोनों, जब चौखट पार कराया था तुने,
तकलीफ मे रह कर भी, खुश होने का नाटक किया था तुने,
मै मुस्कुराती रहू, इस लिए मुस्कुराया था तूने
याद है मुझे माँ
खुद को पिडा़ में रखकर इस जंहा मे लाया था तुने,
हर रिश्ते से वफ़ा करना सीखाया था तुने,
मेरे हर सपनो को सजाया था तुने,
में भी जब बनी माँ, उस वक़्त कितना समभाला था तुने,
याद है मुझे माँ
कहा कि मैं आउगी तुझसे मिलने,
सपने मे आकर क्या वादा निभाया तुने,
सोने देती मुझे भी कितना सुकून था तेरे साथ,
पता नहीं क्या सोच कर जगा दिया तूने,
याद है मुझे माँ

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