पिछले भाग में आपने पढ़ा कि साँची और मोहित एक-दूसरे से प्यार का इज़हार करते हैं कि तभी मोहित को फ़ोन आ जाता है,उसे जाना पड़ता है,अब आगे-

साँची उसे दूर तक जाती हुई देखती रहती है और जाते-२ मोहित जब थोड़ी दूर चला जाता है तो मुड़कर साँची को देखता है और उसे एक फ्लाइंग किस करते हुए कहता है साँची मेरी जान ,मेरा इन्तेजार करना!मैं लौटकर जरूर आऊँगा वापिस!


साँची भी उसे फ्लाइंग किस करते हुए कहती है जाओ जाकर अपना फर्ज निभाओ,तुम्हारी साँची तुम्हारा इन्तेजार करेगी!

देखते ही  देखते मोहित साँची की नजरों से ओझल हो जाता  है!साँची भी अब वहाँ से सीधे दौड़ते हुए मन्दिर में चली जाती है और मोहित के लिए प्रार्थना करने लगती है!

दूसरी ओर,मोहित सीधे ऑफिस जाता है और अब कुछ ही समय में एक टीम तैयार हो जाती है,जिसका हैड मोहित को बनाया जाता है!मोहित आज पहली बार आतंकवादियों से लड़ने जा रहा था!उसके मन मे पूरा जोश था और चेहरे पर गर्व के भाव!अब उसे अपने माँबाप का ख्याल आता है और वो जाने से पहले अपने माँबाप को फ़ोन मिला लेता है!उन्हें बिना कुछ बताए  उनसे दो मिनट बात करता है और फिर चल देता है अपना देश के प्रति फर्ज निभाने!


मोहित सभी को निर्देश देता है,उन्हें पता चला है कि इस बन्द पड़ी हुई फैक्ट्री में पूरे पाँच आतंकवादी छुपे हैं,इसीलिए पूरे 20फौजियों की टीम तैयार हुई है!ओर फौजियों के द्वारा फैक्ट्री को चारों ओर से घेर लिया जाता है और जो बीस फौजियों की टीम बनाई गई है वो अब पूरी सावधानी के साथ अंदर प्रवेश करते हैं!सभी के हाथ में गन है!मोहित सभी को अलग-२ स्थानों पर भेजता है वो भी दो-२ एक साथ!अब वो सभी अलग-२ भागों में बंट जाते हैं और आगे बढ़ने लगते हैं!आतंकवादी बड़ी-२ मशीनों के पीछे छुपे हुए हैं और लगातार उन पर आक्रमण कर रहे हैं!तभी एक गोली मोहित के साथी राज की बाजू पर लगती है!अब मोहित उसे लेकर एक छोटी सी दीवार के पीछे छुपाता है और सभी को निर्देश देता है कि घुटनों के द्वारा रिड़ते हुए आगे बढ़ना है!भयंकर लड़ाई हो रही है!गोलीबारी की इतनी  भयंकर आवाज है कि कोई  भी डर जाए!लेकिन हमारे देश के फौजी भला कैसे डर सकते हैं?वो सभी निरन्तर उन पर वार करते हुए आगे बढ़ रहे हैं!अब मोहित और उसका एक और साथी दिनेश के द्वारा एक आतंकवादी घेर लिया जाता है!इससे पहले के वो आतंकवादी कुछ कर पाता मोहित और दिनेश उसे लगातार गोलियाँ मार-२ कर छलनी कर देते हैं!इसी तरह सभी फौजी  धीरे-२ आगे बढ़ते हैं और घेर-२ कर आतंकवादियों का खात्मा करते हैं!इन सब में कई फौजी घायल हो जाते हैं लेकिन किस्मत से जान सभी की बच जाती है!मोहित खुश होकर चिल्लाता है ऑपेरशन इस सक्सेसफुल!सभी एक साथ बाहर आ रहे हैं कि तभी वो देखते हैं कि उनमें से मोहित अचानक से गायब है!पहले सभी को लगता है शायद इस जगह का ब्यौरा कर रहे होंगे लेकिन अब जब काफी देर तक भी मोहित बाहर नही आता तो वो सभी दुबारा अंदर जाकर देखते ह!उन सभी ने हथियार हाथ मे लिए हुए हैं और बहुत सतर्कता से एक-२ जगह देख रहे हैं लेकिन मोहित उन्हें नही मिल पाता है!ये खबर चारो तरफ फैल चुकी है कि लेफ्टिनेंट मोहित आतंकवादियों से लड़ते हुए लापता हो गए हैं!


मीडिया ने इस खबर को ब्रेकिंग न्यूज़ बना लिया है और ज्यों  ही टी वी में ये खबर मोहित के मातापिता ने सुनी ,तभी वो कश्मीर जाने के लिए निकल पड़े!

साँची कैंटीन में अपने पापा की मदद कर रही थी,जिनका नाम सोमनाथ था!वो आकर साँची को बताते हैं बेटा तुझे पता है वो जो मोहित सर् आए थे ना राजस्थान से,अभी इतना ही बोल पाए थे वो कि साँची कहती है क्या हुआ पापा  उन्हें बताइये ना?

आतंकवादी का खात्मा करके बाहर आ रहे थे लेकिन अजीबोगरीब ढँग से खुद ही लापता हो गए!साँची को उसके पापा बताते हैं!

साँची के हाथ मे उस समय ट्रे थी जिसमे बहुत सारे चाय के कप थे ,ये बात सुनते ही उसके हाथ से ट्रे छूट जाती है!उसकी आँखों से निरन्तर आँसू बहने लगते हैं और वो दौड़ती हुई मुख्य आफिस में जाती है और वहाँ पर पूछने लगती है सर् क्या हुआ मोहित सर् को?प्लीज बताइये!

जिस तरह से वो आँसुओं में भीगी हुई थी और तड़प रही थी,कोई भी समझ सकता था कि उन दोनों में क्या रिश्ता होगा!तभी परवीन वहाँ आती है और उसे समझाकर वहाँ से लेकर जाती है!साँची किसी भी कीमत पर ये जानना चाहती है कि मोहित गायब कैसे हो गया?साँची का एक-२ पल ऐसे बीत रहा है जैसे एक-२ वर्ष!उसकी हालत बहुत खराब हो चुकी है!हर पल वो ऑफिस में जाकर पता कर रही है कि किसी भी तरह मोहित का कुछ पता चल सके!मोहित के माँबाप भी आ चुके हैं!

चारों ओर से दबाव बन चुका है कि मोहित का पता लगाया जाए!इस बात को बीते हुए दो दिन हो चुके हैं कि तभी आज मेन ऑफिस में एक फ़ोन आता है!क्या अब पता चलेगा कि मोहित कहाँ है????


साँची अपने ही ख्यालों में खोई हुई है कि तभी टीवी में एक गाना चल रहा है-
पिया बसंती रे काहे सताए आजा😥😥😥😥😥


अगला भाग-कल

ॐ नमःशिवाय
🙏🙏🙏🙏🙏