दुनिया एक है पर इंसानों के दिल में
इतना फर्क क्यूँ होता है
आसमान भी एक धरा भी एक
फिर रिश्तो में मतभेद क्यूँ होते है....!!
जुदा होता है संसार जिससे हमारी
वही हम से अक्सर खफा क्यूँ होते है
जिनसे जुड़ी होती है हर खुशी हमारी
वही दिलो से इतना दूर क्यूँ होते है....!!
एक ही दुनिया में होकर भी साथ नहीं
ये हालात इतने मज़बूर क्यूँ होते है
जो जीता है सिर्फ कुछ अपनों के लिए
वो अपने ही उनसे दूर क्यूँ होते है...!!
सबकी ज़िन्दगी बहुत अहम है खुद के लिए
पर कुछ लोग दुनिया में इतने मगरूर क्यूँ होते है
कोई निभाता है दिल से हर एक रिश्ता तो
कोई रिश्ते दिलो को खेल क्यूँ समझते है....!!
कोई जीता ज़िन्दगी खुशियों से भरी
पर किसीके ज़िन्दगी में इतने गम क्यूँ होते है
कोई बुनता है सपने हज़ारो हँसी ज़िन्दगी की
फिर किसी के दर्द से इतना नैना नम क्यूँ होते है....!!
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नैना...✍️🌺

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