हे भारत मां के वीर सपूतो,बलिदान तुम्हारा अतुल्य, साहस के आगे तुम्हारे हमने अपना शीश झुकाया,
बारंबार नमन है तुमको,भारत को आजाद करवाया,हमको आजादी का मतलब समझाया!
नमन है उन माताओ को जिसने मातृभूमि की रक्षा के लिए लाल अपने न्यौछावर किए,
शीश श्रद्धा से झुकाऊं उन शूरवीरो को,जिनके खून के कतरे देश के लिए बहे,
भारत मां के उन वीर शूरवीरो ने,वीरता अपनी दिखाई है,
तब कही जाकर ब्रिटिश साम्राज्य से,आजादी हमने पाई है!
15 अगस्त एक तारीख नही,ये स्वर्णिम युग मे अंकित एक अविस्मरणीय पल है!
करो कल्पना उस अदभुत पल की,जब विदेशी झंडा उतारकर तिरंगा ध्वज अपना फहराया होगा,
हर हिन्दुस्तानी ने गर्व से भारत की मिट्टी को मस्तक पर सजाया होगा!

                         श्वेता अरोडा