पत्नी...
सात जन्म और तुम्हारे साथ। 
नही नही नही। 

लेकिन एक शर्त पर हो सकता है। 
मैं अगले जन्म बनू पति तुम्हारा। 

निकालू सारे बदले गिन गिन।
ना छोडू तुम्हे तंग करने से एक पल । 

पति...
ओ मेरी भोली।
पिछले जन्म में मै पत्नी था ।
और तु पति। 

जब भी तुमने यही किया था वादा।
इसलिए अबकी बार मैं पति ।
बनके आया तुझे सताने । 

पत्नी...
ठीक है तो ऐसे इस जन्म में। 
अगले जन्म में भी ऐसे ही बनेंगे। 

अबकी बार तो कोई नहीं। 
अगली बार पत्नी ही बन ।
करूँगी तुम्हारी नाक में दम। 

दिखा अपने त्रिया चरित्र। 
महोपाश में बाँध लुंगी। 

अबके जन्म तो छोड़ दिया। 
अगले जन्म नहीं छोडूगी। 

पति...
अरे ओ भाग्यवान। 
इस जन्म में भी नही भरा तेरा मन। 

मुझसे लड़ लड़ कर।
जो अगले जन्म में भी बुक कर लिया। 

अगले जन्म की देखेंगे अगले जन्म। 
चल इस जन्म चले अब साथ मिलकर । 

चलो अब मान भी जाओ।आओ मिलकर। 
इस अपनी दुनिया को और रंगीन बनाएँ। 

#नीलम गुप्ता(नजरिया)दिल्ली