चलो आज हम अपने दर्द को लिखते हैं
जब कुछ न कर सके हम तो आओ
आज हम शब्दों की जगह दर्द को लिखते हैं
एक अरसा बीता शब्दों को पिरोए हुए
अपने इस दर्द को रचना में संजोए हुए
चलो आज दिल खोल कर हर दर्द लिखते हैं
आज हम शब्दों की जगह बस दर्द लिखते हैं
शायद लिखने से ही कुछ कम हो जाए ये दर्द
दिन हैं मेरे लम्बे और रातें मेरी हैं सर्द
चलो आज हर दर्द से उभरने का हर नुस्खा सीखते हैं
आज हम शब्दों की जगह बस दर्द को लिखते हैं
जिसे आना है वो आकर ही रहेगा
जिसे जाना है कोई उसे रोक नही पाएगा
चलो आज इस कड़वी सच्चाई से एक सबक सीखते हैं
आज हम शब्दों की जगह बस दर्द को लिखते हैं
जो अपना लगा वो अपना कभी था ही नही
जो ईश्वर ने बनाया उसपर हक अब रहा ही नही
चलो आज इस बात पर भरोसा हम करते हैं
आज हम शब्दों की जगह बस दर्द को लिखते हैं
जो बना है वो मिटेगा ही एक दिन
जो मिट चुका है वो वापिस भी आएगा एक दिन
चलो आज इस जिंदगी के सफर का नया फलसफा सीखते हैं
आज हम शब्दों की जगह बस दर्द को लिखते हैं
जो रिश्ता बना बस यहीं बना जो टूटेगा वो भी यहीं टूटेगा
कुछ लाए ही नही तो लेजाएं क्या हम,सब यहीं छूटेगा
चलो आज हम इस हर बात से दिल को तसल्ली देते हैं
आज हम शब्दों की जगह बस दर्द को लिखते हैं
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