सावन के महीने में आता ये पावन पर्व जो कहलाता रक्षा बंधन।
साल भर रहे भाई की कलाई सूनी।
जिसे प्यार के धागे से बांधती बहने।
रेशम का धागा होता है कच्चा,
पर बहन का प्यार होता है सच्चा।
बहन को ना चाहिए धन,दौलत और न ही उपहार।
यू ही बना रहे भाई बहन का अटूट प्यार।
बहन बड़ी हो या छोटी भाई को करती प्यार।
और उसके लिए दुआ मांगती अपार।
भाई हमेशा खुश रहे होती रहे उस पर खुशियों की बोछार।
खुशनसीब होती है वो बहने जिसके सिर पर होता है भाई का हाथ।
भाई की हो लंबी उम्र रहे हमेशा बहन के साथ।
अगस्त के महीने में पड़े रिमझिम फुहार।
सबको मुबारक हो ये राखी का त्योहार।
हरप्रीत कौर
दिल्ली

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