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जाने क्या दिल में सोच कर
एक दिन वो मुझसे मिलने आया
कुछ देर रुक रुक कर
आखिर कार वो मेरे सामने खड़ा हुआ
आँखो में बहुत गहराई लिए
होठो पर भी हल्की थीं मुस्कान
पलकें झुका कर खुद को निहारा
जैसे वो अपने दिल कुछ हैं कह रहा
पहली बार उसे ऐसे करीब पाकर
मेरा भी हाल बुरा हुआ
खामोश होगयी जुबाँ मेरी
दिल की धड़कन ऐसे तेज़ हुआ
गुम सुम यूँही खड़े थे देर तक
आपस में ना कोई बात हुआ
भले हम खामोश थे पर
जारी था धड़कनो की शोर मचाना
अचानक से मेरी नज़रे
पढ़ी उसके हाथो पर
मुझसे छुपाते हुवे वो खड़ा था पीछे कर
मुझसे रहा ना गया चुप
बोल पढ़ी क्या तुम्हे था कुछ कहना
राहत की साँस लेकर उसने
अपने दिल पर एक हाथ रखा
बैठ कर एक अदा से घुटनो के बल
एक खूबसूरत सी गुलाब आगे किया
कहाँ बड़े सलीके से उसने
तुमसे बहुत प्यार करता हूँ
कबूल कर लो नैना ये चाहत मेरा
तुमसे बस यही कहने आया हूँ
दिल के अहसास अपने तुम से कहने को
दिल के साथ साथ तुम्हे ये गुलाब देने आया हूँ....!!
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नैना.....✍️✍️💓💓
(काल्पनिक....)

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