चाहतों पे क्या क्या ना निसार कीजिए 
वो आए या ना आए बस इंतजार कीजिए ।

कहर जारी रहेगा ना शिकवा गिला कीजिए 
लौट कर आ भी जाए सनम बस दुआ कीजिए 

मेरी कब्र पर फूल एक ना हो तय ये कीजिए 
चाहने वाले है  आशिक न उनको दफा कीजिए ।

इश्क की अब तो बात भी ना हुज़ूर आप कीजिए
हुस्न हो गया तार तार ना अब वफ़ा कीजिए ।

बाजारों में रौनक लौट आएगी उसको आवाज दीजिए
रख गया सनम मेरा चैन करार कहा पता कीजिए 

यह फूल तुम्हारे लिए लाया हूं कभी तो इजहार कीजिए 
उम्र बीत जाने के बाद क्या ख़ाक इश्क कीजिए 

चाहतों पे क्या क्या ना निसार कीजिए 
वो आए ना आए बस इंतजार कीजिए .........