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Sangita Verma
जलज मुख विशांति
जलज मुख विशांति
अगस्त 09, 2021
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
जोश था,ना होश था
यह सोच के खामोश था,
ह्रदय में एक द्वंद था
मस्तिष्क में प्रचंड था,
जीत की उमंग थी
ये देख सृष्टि दंग थी,
स्वर्ण पदक सी कांति,
जलज मुख विशांति।
संगीता वर्मा✍️✍️
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