प्रयोजन-पर्यावरण बचाओ
मत काटो थे पेड़ा न जार |
पेड़ा सूं प्राण वायु मिले ||
पेड़ करे उपकार हजार|
पेड़ा न मत काट ||
पेड़ा की तो रक्षा करो|
रेव थाको ठाठ ||
वृक्ष छाया लकड़ी को देवै दान|
पेड़ा की छाया प्यारी लागै||
वृक्ष देवै फल -फूल |
ये वृक्ष देवै छांव||
आंगण बोयो नीम कर दे|
रोगा को यो नाश ||
पेड़ा की जब संख्या घट री|
प्रकृति दुःख पारी ||
पेड़ा की जब संख्या बढ़सी|
प्रकृति सुख पासी ||
अ-र-र वृक्ष बचाया |
चिपको आन्दोलन याद||
वृक्षों के खातिर प्राण दिये|
रोग मिटावै औषधी जी ||
आंगण बोओ नीम |
वृक्ष लगाओ ज्यादा-ज्यादा||
आंगण बोओ नीम |
यांहि चोखी सीख ||
वनस्पती सूं थे मत करो घात|
दुःख पासी धरती मात||
धरा रा दुःख न दूर करो |
माता रा दुःख न दूर करो||
- किशन लाल कहार ,दुगारी

0 टिप्पणियाँ