जीता रहे मेरा भाई~
फले फूले,
खुशियां तुझे हजार मिले।
तेरे होने से खुशियों का आगाज है,
नहीं अकेली मैं जहान मेें;
तू मेरा सम्बल मेरा विश्वास है,
तेरे स्नेह का मेरे सिर ताज रहे।
तू बढे ,,,हर दिन तरक्की करे,
तेरा प्यारा घर संसार किलकारियों से आबाद रहे;
सफलता तेरे कदम चूमें,,मुख पर सदा मुस्कान रहे,;
जीता रहे मेरा भाई ~
कि रौशन मेरा जग संसार रहे।
हर साल आए रक्षा-बन्धन का त्योहार ,
दिल में न कोई फांस रहे।
कृष्ण -दाऊ और सुभद्रा की तरह हर बहन भाई का प्यार रहे।
जीता रहे मेरा भाई~
खुशियां तुझे हजार मिले।
रौशन जग संसार रहे।
✍पल्लवी कुमारी"पाम "

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