रंगरसिया एक बार आकर तो देख ............
समय का पहिया घूमा कर तो देख .............
तेरी राधा बन यमुना के तट
मुरली की धुन पर तेरे संग रास रचाऊँगी
गोपी बन तुझसे हँसी ठिठौली कर
छेड़ छाड़ कर दही , माखन खिलाऊँगी
तू एक बार कन्हिया बन कर तो देख
समय का पहिया घूमा कर तो देख
उद्धव बन गोपियों तक तेरा सन्देश पहुँचाऊ
सुदामा बन तेरा प्राणों से प्रियः सखा बन जाऊँगी
तेरी गैया बन तेरे संग व्रन्दावन में चरती फिरू
मीरा बन तेरे संग प्रीत बाँधू जहर का प्याला पी जाऊँगी
तू एक बार प्रीत निभा कर तो देख
समय का पहिया घूमा कर तो देख
द्रोपदी बन तुझें पुकारू चीर बढ़ा लाज बचा
मोर पंख बन तेरे ललाट पर शोभित हो जाऊ
अर्जुन बनू तू मेरा सारथी कौरवो संग युद्ध करू
गीता बनू कुरूक्षेत्र में तेरे श्री मुख से बाँची जाऊँगी
तू एक बार विराट रूप धरकर तो देख
समय का पहिया घूमा कर तो देख
सीता बनू तुझें वर तेरे संग वनवास पर जाऊँ
रावण हरण कर जायें ले तू मुझें बचाना
दूँ अग्नि परीक्षा , तेरे संग अयोध्या आऊँ
पटरानी बनू धरती फ़टे उसमें समा जाऊँगी
तू एक बार धनुष उठा प्रत्यंचा चढ़ा कर तो देख
समय का पहिया घूमा कर तो देख
अहिल्या बनू तेरे चरण से छूकर शिला से नार बनू
सबरी बनू बेर चख चख तुझें खिलाऊँ
लक्ष्मण बनू तेरी परछाई बन संग फिरूँ
हनुमान बनू सीना चीर सीयाराम की मूरत दिखाऊँगी
तू एक बार पुरुषोत्तम राम बन कर तो देख
समय का पहिया घूमा कर तो देख ।।
.........@ नेहा धामा " विजेता "
बागपत ,उत्तर प्रदेश

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