सब झूमकर गाओ कि वतन आजाद हुआ
तिरंगा लहराओ कि वतन आज़ाद हुआ

हिम किरीट धारण कर देखो शान से इठलाया
सागर चरण पखार रहा और स्तुति करने आया
मंगल गान करवाओ कि वतन आज़ाद हुआ
तिरंगा लहराओ कि वतन आज़ाद हुआ

ऊंची ऊंची चोटियां उसकी पहरेदार बनी है
स्वागत करने को नदियां कब से तैयार खड़ी हैं
फूल मालाएं तुम लाओ कि वतन आज़ाद हुआ
तिरंगा लहराओ कि वतन आज़ाद हुआ

वेद पुराणों में आर्यावर्त का गुणगान हुआ है
सारे विश्व में जगदगुरू का सम्मान हुआ है
पूर्ण समर्पण कर जाओ कि वतन आज़ाद हुआ
तिरंगा लहराओ कि वतन आज़ाद हुआ

जय हिंद जय भारत वंदेमातरम
संगीता शर्मा "प्रिया"