जिलाधिकारी कार्यालय पर जिले के कई बङे अधिकारियों की मीटिंग चल रही थी। मीटिंग खुद जिलाधिकारी महोदय ले रहे थे तथा मुख्य विकास अधिकारी, अवर जिलाधिकारी, जिले के सभी तहसीलदार, ब्लोक विकास अधिकारी मीटिंग में मौजूद थे। बाल मजदूरी इतनी बङी समस्या है जिसका निदान सभी के सम्मिलित प्रयास से ही संभव है। छोटे बच्चों के पढने लिखने की आयु में उनसे मजदूरी करायी जाती है। यह शर्म का विषय है।
जिलाधिकारी महोदय के पी0ए0 ने कलेक्ट्रेट में कैंटीन के ठेकेदार को चाय भेजने का आदेश किया। और दस वर्ष का नौकर रामू सभी अधिकारियों के लिये चाय ले आया। चाय पीकर फिर से अधिकारी बाल मजदूरी मिटाने की योजना बनाने में व्यस्त हो गये।
दिवा शंकर सारस्वत 'प्रशांत'

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