प्रतीक्षा बड़ी
खत्म हो गई आज
स्वर्ण चमका।
अगस्त क्रान्ति
सोने की कांति छाई
स्वर्ण नीरज।
देश का लाल
सहज ही तो किया
बड़ा धमाल।
सोन चिरैया
आज फिर चहकी
नाचे मानस।
भाले की शक्ति
तेज झपटा बाज
ले आया ताज।
युवा नीरज
स्वर्ण पर लोभित
हासिल किया।
स्वर्ण ताम्र के
जश्न का दिन आज
मन हुलास।
स्नेहलता पाण्डेय'स्नेह'

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