सब देशवासी कैसा महसूस करते है मुझे नहीं पता पर जब देश के लिए कुछ गर्व का क्षण या देशभक्ति का कोई पल होता है तो मै बहुत भावुक हो जाती हूँ l एक अजीब सी खुशी होती हैं l जो शब्दों में बयाँ नहीं की जा सकती l
आज बड़ा ही खुशी भरा लम्हा है l आज देश को टोक्यो ओलंपिक में पहला स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है l ये बहुत ही गर्व का क्षण है, हम भारतीय के लिए... यह उस खिलाड़ी के लिए कितना रोमांचक होता होगा ना, जब आप दुनिया के समस्त प्रतिनिधियों के सामने गर्व से सीना तानकर, सिर ऊँचा करके अपना राष्ट्रीय गान सुनते है और आपके नाम के साथ आपका राष्ट्रीय झंडा फ़हराया जाता है l जब देश आपके नाम से और आप देश के नाम से जाने जाते हैं
कितना अविस्मरणीय पल होता होगा ना... जिसके लिए उस एक पल में वह खिलाड़ी अपना जीवन,अपनी संपूर्ण कठनाईयाँ, अपना संघर्ष, अपनी तकलीफ,अपना त्याग सब कुछ भुला.. उसे सब सार्थक लगता होगा,छोटा लगता होगा l
समस्त देशवासियो की आँखे गर्व से आपको देख रही होगी.. कितना सुकून और सुखद अहसास होता होगा ना जब करोड़ो लोग आपकी जीत के साथ अपना गर्व जोड़ कर देखते हैं l
ओलंपिक में पदक जीतना तो सभी खिलाड़ी के लिए अविस्मरणीय, गरिमामयी होता ही है, पर किसी खिलाडी के द्वारा अपने खेल में देश के लिये सर्वप्रथम पहला पदक लाना..वह भी विजेता स्वर्ण पदक लाना एक अमिट जीत, इतिहास में दर्ज होनेवाला एक ऐतिहासिक पल होता है l
एक ऐसी ही जीत, आज एथलीट वर्ग में और एक ऐसे क्षेत्र में, जो हमारे देश की संस्कृति और इतिहास के गौरव का प्रतीक है,जिसे शायद हमारे देशवासी जानते भी नहीं है और उनके लिये सिर्फ़ कहानियों का हिस्सा ही है l उस "भाला फ़ेंक" में नीरज चोपड़ा ने कभी ना भूलने वाला एक अमिट इतिहास रच दिया है l
इसके साथ ही अब आज के युवाओं को भी सोशल मीडिया से इतर "फ़ेंकने का अर्थ" समझ आ गया होगा l नीरज ने हमारे अभिभावको को भी एक नया क्षेत्र, एक नयी एक्टिविटी भी देदी है जो वे अपने बच्चों को सिखाना चाहेगे l
भारत को अब तक महिला भारोत्तोलन में रजत, महिला बैडमिंटन में कांस्य, पुरुष हॉकी में कांस्य,महिला बॉक्सिंग में कांस्य और फ्रीस्टाइल कुश्ती में एक रजत और एक कांस्य पदक और व्यक्तिगत श्रेणी में भाला फ़ेंक में पहला स्वर्ण पदक प्राप्त किया है l भारत अभी तक 7पदक जीत चुका है l यह भारत का अभी तक के सभी ओलंपिक में, सबसे ज्यादा पदक प्राप्त कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है l इसके अलावा भारत महिला हॉकी और महिला गोल्फ़ में चौथे स्थान पर रहा l इसका अर्थ है कि देश आगे बढ़ रहा है l
हम चाहते हैं कि हमारा देश यूँ ही हमे ऐसे गरिमामयी अविस्मरणीय पल देता रहे l विश्व के पटल पर हम एक बार पुनश्चः सूर्य की तरह चमके, और सोने की चिड़िया कहा जाने का वो गौरव पुन: प्राप्त हो l हम फ़िर से वह गौरवशाली इतिहास बनाए और सम्पूर्ण विश्व में विश्वगुरु कहलाए l क्योंकि हम भारतीय ऐसे ही है... हम अचानक वह कर जाते हैं जो कभी किसी ने सोचा भी ना हो l हम भारतीय ऐसे ही सभी को आश्चर्यचकित करते रहेगे l हमेशा शुभ हो, इसी शुभेच्छा के साथ विराम देती हूँ..
✍️शालिनी गुप्ता प्रेमकमल 🌸
(स्वरचित)

0 टिप्पणियाँ