अवंतिका कैफे में बैठकर रिद्धिमा का इंतजार कर रही थी और उनके सामने दो और व्यक्ति बैठे हुए थे जिसे देख रिक्तिमा थोड़ी आशंकित गई क्या कोई प्रॉब्लम है। पास जाने पर उसने देखा की साथ में अविनाश और एकांश भी बैठे हुए हैं।
हेलो अवंतिका,
अविनाश
हाय रिक्तिमा, तुम्हारा ही इंतजार हो रहा था।
रिक्तिमा इनसे मिलो यह एकांश है अविनाश और एकांश एक ही ऑफिस में AAO के पोस्ट पर हैं। शादी में तुम्हें देखकर हमसे इन्होंने बहुत ही मिन्नतें की तो सोचा एक बार तुमसे इनको रूबरू करवा दिया जाए।
सॉरी डियर... कहकर वह मैन्यू आर्डर करती है।
थोड़ी देर बाद हम दोनों यहां आ ही गए हैं तो घर के लिए कुछ सामान रख लेते हैं बुरा ना माने तो क्या हमें इसकी परमिशन मिल सकती है ।
एकांश कहता हैं, हां अच्छे से शॉपिंग करना आपके आने तक हम यहीं बैठे हैं।
अवंतिका कहती है मैं जाऊं ना।
वह हां में सिर हिला देती है।
उनके जाने के बाद कुछ देर तक दोनों चुपचाप से बैठ एक दूसरे के होने को महसूस करते हैं। फिर एकांश कहता है आपको बुरा तो नहीं लगा मैंने इस तरह से आप को बुलवाया।
रिक्तिमा कहती है आप मुझे भूले नहीं।
नहीं, उस दिन के बाद से तो तुम हर पल मेरी यादों में रहती थी ।सोचता था कि तुमसे कब मिलूंगा या मिल भी पाऊंगा या नहीं ,
जब अविनाश को पता चली यह बात तो उसने कहां कि तुम यहां यही रहती हो फिर उसने ही यह सारी प्लानिंग कर दी। क्या मैं तुम्हें याद आया कभी।
आप हमें क्यूं याद आने लगे रिक्तिमा ने कुछ दबी मुस्कान के साथ कहा।
कुछ समय बाद अवंतिका और अविनाश शॉपिंग कर वापस आते हैं।
एकांश कहता है सामान ले लिया आपने काफी टाइम लग गया।
हां जी शादी के बाद ऐसा ही टाइम लगता है जब वाइफ साथ होती है तो कहा जब।
सब खिलाकर हंस पड़े।
ओके बाय काफी टाइम हो चुका है अब चलते हैं।
एकांश क्या तुम रिक्तिमा को उसके घर पर ड्राॅप कर दोगे।
हां क्यों नहीं,,,
अच्छा ठीक है बाय कर दोनों चले जाते हैं। और एकांश रिक्तिमा को उसके घर तक छोड़ने के लिए जाता हैं।
कार से उतरते वक्त वह रिक्तिमा से पूछता हैं,,, मिलती रहोगी होगी ना मुझसे।
रिक्तिमा कहती है क्या आप मिलना चाहेंगे मुझसे,,,
हां हमेशा...
अपना हाथ आगे करो उसके शर्ट से पेन निकालकर वह अपना नंबर एकांश के हाथ पर लिख देती हैं,,, देखते हैं इस नंबर पर किसी एकांश का फोन आता है कि नहीं।
अंदर नहीं आओगे,,,
आऊंगा पर ऐसे नहीं,,, जिस दिन तुम मेरा बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही होगी उसी दिन आऊंगा तुम्हारे घर।
रिद्धिमा शरमा जाती है।
एकांश कार को एक्सीलेटर देता हैं रिक्तिमा उसे दूर तक जाते हुए देखती हैं।
अब दोनों फोन से बातें करने लगी और मिलने लगे हैं फिर,,, दोनों ही एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझ चुके थे और दोनों के बीच प्यार की जो कली चटकी थी उसने फूल का रूप ले लिया था।
उधर आंटी और रिक्तिमा भी बीच-बीच में फोन कर एक दूसरे का हालचाल पूछने लगे आज भी बात हुई थी आंटी जी कि रिक्तिमा से मोबाइल को ऑफ करते हुए वे कहती हैं बड़ी ही नेक बच्ची लगती है संस्कारी और अच्छे घर की भी,,, अपने बेटे के लिए कैसी रहेगी रिक्तिमा।
हां जी आपने तो मेरी मन की बात कह दी,,, बेटे से पूछ लेते हैं फिर बात आगे बढ़ाएंगे। शाम को अंश जब घर आता है तब मां उसको चाय पकड़ाते हुए कहती है। बेटा शाम की चाय काश तुमको बहू बना कर देती और हम भी तुम्हें किसी अच्छे हाथों में सौंप कर निश्चिंत हो जाना चाहते हैं हमारे जाने के बाद भी तुम हमेशा खुश रहो।
मां पापा आप कहीं नहीं जा रहे हैं हमेशा मेरे पास ही रहेंगे एकांश अपनी मां का हाथ पकड़ते हुए कहते हैं।
जिंदगी कब तक साथ देगी कुछ कह नहीं सकते हैं तुम्हे कोई पसंद हो तो बताओ वैसे हमें भी एक लड़की पसंद आ गई है तुम्हारे लिए तुम कहो तो उसके घर पर रिश्ते की खबर कर दें।
वह हम दोनों को बहुत पसंद आ गई है इस घर में उसके आ जाने से खुशियां भर जाएंगी ।
और मां जिसके बारे में कह रहा हूं मैं उसके आने से इस घर की खुशियां दुगनी हो जाएंगी आप मिल लीजिए उससे एक बार।
आज के दौर में अपनी पसंद कोई किसी पर नहीं डाल सकता बेटा हमारा मन रखने के लिए एक बार तुम उससे मिल लो,,, ठीक है मिल लेंगे,,,
पर मेरी पसंद से भी मिलना होगा आपको,,,
कब मिलवाओगे उससे,,,
आप जब चाहे एकांश अपनी मां के गले लगा कर कहते हैं। तो ठीक है संडे शाम को 5:00 बजे इंडियन कैफे हाऊस में बुला लो तुम्हारी पसंद को देखते हैं हमारी पसंद से मिलाकर। हमारी पसंद आपको बहुत पसंद आएगी आप देखकर अपनी पसंद को भूल जाएंगे,,,😊
हां जी श्रीमती जी,,, आज रात का खाना आपके हाथों से बना हुआ ही खाना है हमारे लिए बनाएंगी न आप ,,,हां भई क्यों नहीं जाती हूं मैं किचन में।
अंश के पापा कहते हैं वह हमें रेलवे स्टेशन पर मिली थी जब हम तुम्हारे पास आ रहे थे तुम्हारी मां तो उससे बातें भी करने लगी है अब,,, वह एक सभ्य और अच्छे घर की लड़की लगी इसलिए हमने तुम्हारे लिए सोचा पर तुम पूरी तरह से स्वतंत्र हो बस हम चाहते हैं अपना निर्णय लेने से पहले तुम उससे एक बार मिल लो।
जी पापा उसी दिन हम भी उसे वहां बुला लेंगे फिर तय कर लेना।
क्रमशः.....

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