जागो रे ओ सखियों  जागो रे सुबह का  सूरज निकल पड़ा है  खिड़कियों को खोल दो  
अब तक तुम सोई पड़ी हो 
अपनी अखियां खोल दो 
जागो रे सखियों जागो रे

 सपने जो देखे थे तुमने 
उनको तुम साकार करो
कब तक यूं ही बैठी रहोगी 
अब तो चलना सीख लो  
जागो रे ओ बहनों जागो रे  

माना कि पड़ता है तुमको घर गृहस्ती संभालना 
पर अपने लिए भी तुम थोड़ा वक्त निकालना  
जागो रे ग्रहणिओ जागो रे 

 पंख अपने खोल दो  ऊंची उड़ान तुम भी भरो  
क्या कहेंगे लोग तुम्हें  
इसमें वक्त ज़ाया ना करो 
जागो रे ओ बेटियों जागो रे

 जागो रे ओ सखियों जागो रे 
जागो रे ओ बहनों जागो रे 
जागो रे ओ ग्रहणिओ जागो रे 
जागो रे ओ बेटियों जागो रे !!

हुमा अंसारी