जिंदगी की भागदौड़ में जब कुछ वक्त,
खुद को देती हूँ ......।
सच कहती हूँ तेरी याद में,
खो जाती हूँ.......।
वो वक्त लौट के ना आएगा,
कुछ यादें सवाल बन के रह
जाएगा.......।
मुमकिन है बस मेरे लिए,
तेरी यादों का जहां
देखो फिर से आज हम
खो गए कहाँ......।।
ऋचा कर्ण✍

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