दिल को बहलाना मुझे आता ही नही
अब उनको भुलाना मुझे आता ही नही
कैसे कहें उनसे अपने मन की बात
अब उनको फुसलाना मुझे आता ही नही
बात बात पर हो जाते हैं वो खफा
अब उनको रिझाना मुझे आता ही नही
कैसे कहें की उनसे कितनी मोहब्बत है हमें
अब उनको समझाना मुझे आता ही नही
अब दूर हो जाएंगे हम उनसे "लखनवी"
अब उनको इश्क निभाना आता ही नही
मुकेश लखनवी

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