प्यार हुआ है तुम्हीं से
मेरे प्यारे वतन
तेरी रज का तिलक करूं
लेके लाखों जनम

मेरे मीत मेरे देश तू
है  मेरा महबूब तू
तुझसे इश्क है बेपनाह
तुझ पे मेरी जां निसार
तेरी बाहों में मैं मरूं
तू ही मेरा सनम
तेरी रज का तिलक करूं
लेके लाखों जनम

तेरी पर्वत श्रृंखला
मुझको पास बुलाए
कल कल बहती नदियां
मेरी प्यास बुझाए
मेरी वफ़ा का दूत है
तेरी शीतल पवन
 तेरी रज का तिलक करूं
लेके लाखों जनम

जय हिन्द जय भारत
संगीता शर्मा" प्रिया"