आजादी का महापर्व है शुभ दिन आया।
मंगल गाओ ख़ुशी मनाओ हर दिल है हर षाया।।
इन खुशियों में याद करें हम आजादी के वीरों को जिनके बल पर हमने यह शुभ दिन पाया।
याद करें वो वीर सिपाही सीमा पर जो बैठे जिनके बल पर घर बैठे हम आज मनाऐं खुशियां।।
आज जरूरत है पहचाने हम अंदर के दुश्मन को जिसने मानवता के ऊपर आज कहर बरपाया।
एक हाथ में कलम हमारे दूजे हाथ लिए तलवार शब्द बाण से जो ना मरते उनको दे तलवार मिटाए।।
आज मुबारक सबको स्वतंत्रता, यज्ञ चल रहा निरंतर ।
आहूति सबको अपनी देनी करनी रक्षा और परवाह ।।
अभिनंदन वंदन नमन सभी का जो है राष्ट्र भक्त सारे।
जो करे निरंतर आराधन तन मन वचन कर्म से मां भारती के प्यारे।।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार युक्त डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏🏻✍🏻 वंदे मातरम जय हिंद जय मां भारती

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