अब किसका इंतज़ार ..?
एक बार फिर फोन की घंटी घनघनाई ....
ग्रेसी ने फोन उठाया ,--" हेलो !"
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उधर से एक स्वर ,__"हैलो मैम मैं ..आपकी
बहन के बारे में कुछ जानकारी देना चाहता हूं । यदि आप .....?
ग्रेसी की आंखों में यह अंजान शख्स कौंध रहा था .. हिम्मत जोड़ते हुए उसने कहा ,--" क्क्क्कौन ....आप को मेरा नम्बर ...
उधर से आवाज आई ,--" मैम... ऑन लाइन के जमाने की बात है ,हर चीज फास्ट होती है ...! मैं आपको सबूत दे सकता हूं ।आपको मेरे दिए पते पर आना होगा ..जल्दी और हां किसी को ना पता चले चुपचाप ... यदि मैं आपको सबूत दूं तो ,मुझे बदले में पैसे देने होंगें ..!"
वह उठ नहीं पा रही थी फोन हाथ से छूट गया था ।
फोन पर, -- "आवाज हैलो ...मैम हैलो ..!!"
नैना ने ग्रेसी के कंधों को सहलाया और फोन हाथ में ले लिया ...बोली ,--"यस स्पीकिंग ..!! आप कौन ..??"
उधर से फोन कट चुका था ..।
नैना ने मां को गले से लगाया और आंखों से निकली बूंदों को हाथों से समेट लिया ।
ग्रेसी के मुंह से निकला,--" इतनी बड़ी हो गई ...हो तुम ..!!"
नैना ने ग्रेसी के बालों को कंधे के पीछे किया और मुस्कराई ---"हां..!!"
ग्रेसी ने फोन की सारी बातें नैना को बता दीं ..! आगे क्या करना है श्रेय ,नैना और ग्रेसी के फैसले पर था ।
फिर भी उन्होंने थाने में अंजान नम्बर की इतला की ,डर था कोई जालसाज शिकार ना बना रहा हो । वह कॉल को ट्रेस करने पर नंबर बोरबली से आ रहा था । नंबर को पुलिस ने सर्विलांस पर लगा दिया था । अजनबी को इसकी भनक नहीं थी ।
गिट्टू का पंचनामा और बिसरा रिपोर्ट से पता चल सकता था कि, वारदात वाले दिन हुआ क्या था ?? उसका लक्ष्य क्या था ....??
गिट्टू का दाह-संस्कार कर दिया गया ।
अलमारी के अंदर बहुत सी यादें नैना ने संजोय थीं .. कपड़े,एंटीक ज्वेलरी और रूमाल जो अक्सर मौसी का स्टाइल था ..!
पुलिस कोताही नहीं बरत रही थी ,उसे जांच की दिशा गलत जाने का नतीजा ।
एक दिन फोन फिर से ----
वही चिरपरिचित नम्बर से ,--"हैलो मैम ..!"
"यस स्पीकिंग ...!"
"बताया नहीं आपने ..! क्या बहन को भूल गई ...इतनी जल्दी ..! सोचा ना था ..!"
"क्यों" ..जरा हिम्मत से ग्रेसी बोली ।
--"अरे ! ऐसे ही पूछ रहा हूं । अभी सबूत फोन में तो नहीं दे पाऊंगा । आपको आना होगा जी... ।"
__"ठीक है मैं तैयार हूं .. परंतु कितना पैसा ??"
--"मैम यही कोई .... दो लाख ..!"
"---ठीक है मैं इंतज़ाम करती हूं ..!"
पुलिस ने नंबर ट्रेस किया और उस अंजान शख्स को धर दबोचा जो कहानी आई वह ऐसी थी कि सबके होश उड़ गए थे ।
वह अजनबी गिट्टू का एक ड्रग एडिक्ट दोस्त था ..। नाम लाला ! पहले उसने बहुत आनाकानी की ,परंतु बाद में बताया --
उसका काम था ड्रग्स के ग्राहक को सप्लायर तक पहुंचाना । जब गिट्टू को फिल्म से हटा दिया , तो वह बहुत परेशान थी , पूरी तरह अंधेरों में डुब गई .. पाई- पाई ड्रग्स में गंवा दी. ..।
फिर एक रात --
वह डायरेक्टर कमल राय के पास किसी रोल को मांगने गई । उसने कुछ पैसे दिए लेकिन, फिल्म देने को मना कर दिया । वह गुस्से में थी.. ।
खूब भला बुरा कहने लगी तब...
डायरेक्टर/ प्रोड्यूसर ने जान-पहचान के दो लोंगों को रात को उसके घर फिल्म साइन के बहाने से भेजा और वहां उसको कत्ल कर दिया गया ..!
सारी सच्चाई सामने आने के बाद कमल राय के घर में तलाशी ली । एक वही रूमाल मिला जिसे कभी गिट्टू अपने हाथों पर स्टाइल के लिए बांधती थी ।
सारे सबूत मिलने पर डायरेक्टर /प्रोड्यूसर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया ।
गिट्टू का जन्म दिन था और ग्रेसी नैना याद कर रहे थे ।
गिट्टू ग्रेसी की छोटी बहन , कभी किसी छोटे कस्बे से आए , एक तरफ गिट्टू को फिल्म इंडस्ट्री का नशा ,जब मां पिता जीवित थे पिता बेटियों पढ़ाना चाहते थे जहां ,ग्रेसी टॉपर और गिट्टू इंटर पास । पढ़ाई रास ना आई तो वह मुम्बई चली आई । बहुत मेहनत करनी पड़ती थी एक -एक रोल के लिए ।
मायावी दुनियां के कड़वे सच से मासूम अंजान थी । शादी करने की उम्र में करियर की महत्वाकांक्षा ..!! तबाह होते सितारे !!
पति-पत्नी के बीच बढ़ती दूरियां ..!! एक स्टार का परिवार का सदस्य होना आसान नहीं ..!! टूटते हुए रिश्ते , सम्बन्ध और विवाह ..!!
रुपहले पर्दे की दास्तां , गुमनामी और अंधेरा ... बहुत कम ही जिंदगी जी पाते हैं यहां.. ।
गिट्टू के कातिल को सजा मिल रही थी , अदालती कार्यवाही में वक्त लगना था ,पूरे छ: महीने बाद !
घर को गिट्टू की कमी तो बहुत खल रही थी ..। ग्रेसी और नैना के संबंध मधुर हो चले थे..। नैना पढ़ाई पर ध्यान देने लगी थी ।
ग्रेसी नैना की हमेशा छतरी बनी रही , धूप की तपिश में सूखने ना दिया , बारिशों में भीगने ना दिया ।
अपने फूल को मुर्झाने नहीं दिया ..।
गिट्टू का रूमाल बालकनी में हवा से हिल रहा था ..नैना अपलक देख रही थी ,पास में बोगनवेलिया का फूल गमले में लगा था । उसे प्यार से छूने की कोशिश कर रहा था ।
"मांसी तुम यहीं हो । मेरे पास ..!!"कहकर उसने रूमाल को हाथ में बांध लिया ..!
"एक फूल हमेशा खिलता -महकता रहा ..!"
सुनंदा ☺️✍️
समापन 🌺

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