सलाम है उस माँ के लाल को जिसने अपने भाले की उड़ान से सफलता के आसमान को छू लिया, सलाम है उस अनमोल रतन को जिसने हीरा बनकर सारे जहान को जगमगाया है, अपने भाले के एक वार से भारत को स्वर्ण पदक दिलवाया है। हम बात कर रहे है भारतीय स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा की जिन्होंने भारत की शान बढ़ाई है और देश का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा दिया। हरियाणा के खांडरी गांव के लाल नीरज का भाला 87.58 मीटर से आगे ज़मीन पर जा गिरा जिससे लाखों करोड़ों हिंदुस्तानियों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया और बुलंदी को छूने वाले उस लाल ने वतन लौटकर अपनी माँ को गले से लगा लिया और अपना स्वर्ण पदक अपनी माँ को पहना दिया जिसे देखकर उनके ज़मीन से जुड़े होने का आभास होता है जिसने सबकी आंखें नम कर दी। धन्य है वो माँ जिसकी कोख से ऐसे लाल ने जन्म लिया, जिसने हमारे भारत देश का नाम बुलंदियों के परचम पर पहुंचा दिया और जीत के इस लम्हे को अमूल्य बना दिया।
प्रिया धामा

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