महादेव ,उमा , सुत कहाये
अनेकों नामों से जाने जाये
 एक मोदक से खुश हो जाये
शरण आये की लाज बचाये

रूप अनोखा प्यारा प्यारा 
पाया जग में सबसे न्यारा 
माथे तिलक सिंदूर विराजे 
तन पर वस्त्र पीताम्बर साजे

पान , फूल, और मेवा भाये
चरणों में आकर शीश झुकाये 
अज्ञानता का अंधकार मिटाये
 मन में ज्ञान का प्रकाश फैलाये

रिद्धि सिद्धि संग ब्याह रचाये
 भक्तों के सब कष्ट मिटाये
 संग सुख संपत्ति घर लाये
  सबसे प्रथम पूजे जाये

एकदंत चार भुजा धारी
करते मूषक की सवारी 
जो भी तुम्हारी शरण आया 
खाली हाथ ना उसे लौटाया ।।

......@ नेहा धामा " विजेता "
बागपत , उत्तर प्रदेश ✍️