एक स्त्री के मस्तक की जैसे शान है बिंदी
वैसे ही हिंदुस्तान की पहचान है हिंदी............!
विचारों का ,भावनाओं का आदान प्रदान है हिंदी
मन में उठे सवालों का जवाब है हिंदी.............!
हम हिंदुस्तानियों का मान है हिंदी
मेरी कलम की पहचान है हिंदी.....................!
हां सच है कि हम लोग इसे भुलाने लगे है
अपनी ही पहचान को देखो खोने लगे हैं............!
अस्तित्व से अपने ही दूर जाने लगें हैं
अपने ही देश में हिंदी का मान घटाने लगे हैं..........!
आओ अपनी पहचान से हो जाएं रूबरू
शुरू करें हिंदी की एक नई जुस्तजू....................!
कविता गौतम✍️

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