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जय श्री राम
भजे हनुमान जी
हे सियाराम!
दूजा ना कोय
रामभक्त जग में
इनके जैसा
प्रभु की सेवा
सदा शीश नवाये
नितदीन जो
प्रकट करें
भक्त प्रेम को ऐसे
प्रत्यक्ष दिखे
चीरकर जो
हृदय ,राम-सीता
वहां विराजे
सिंदूरी रंग
लगाये तन पर
प्रकटे प्रेम
अंजनीसुत
केशरी नंदन हैं
हनुमान जी
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🙏 जय सियाराम,जय भक्त हनुमान🙏
मनीषा ठाकुर(कर्नाटक)

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