💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞
जाने कैसी नशा तेरे अहसास में होती है
जितना भी भूलना चाहे उतना ही तेरे याद आती है
खोजाता है मेरा दिल इस तरह तेरे ख्यालो में
होश नहीं रहता कब दिन और कब रात होती है

देखती हूँ राहें तेरी सुबह से शाम तक ज़ालिम
पर जाने कहाँ गुम हो तेरी न कोई खबर होती है
एक बढ़ती जारही है मोहब्बत मेरे दिल में तेरे लिए
होश नहीं रहता कब दिन और कब रात होती है

चढ़ा है मेरे इस दिल पे इतना दीवानगी तेरा
की पूछती रहती हूँ हवाओ से भी हाल तेरा
खुद हैराँ हूँ बढ़ती इस दिल की बेताबीयो से
होश नहीं रहता कब दिन और कब रात होती है

जाने क्या बात है तेरे चाहत में ओ हमदम
जो हर मुश्किल हमें आसान सा लगता है
होगयी है मौज़ूदगी तेरा मुझमे मुझसे भी ज्यादा की
होश नहीं रहता कब दिन और कब रात होती है

कुछ तो असर तुझपे भी होगा मेरे मोहब्बत का
तभी तो हर रात छत से तारे गिनते नज़र आते हो
तुझमे ही कही शामिल है तेरी नैना महसूस तो कर
जो होश नहीं रहता कब दिन और कब रात होती है...!!
💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞
नैना... ✍️💞