हिन्दी अनेकता में एकता को स्थापित करने की सूत्राधार है,
ऐसे तो देश में कई भाषाएं और हैं,
पर राष्ट्र के माथे की बिंदी है ये हमारी हिन्दी। पढ़ने व पढ़ाने में सहज है , सुगम है, साहित्य का असीम सागर है, सुंदर है, सरल है,मनोरम , मीठी और अनूठी है।
हिन्दी है जन जन की भाषा,देश भर में इसे सम्मान मिले यही है हमारी अभिलाषा। हिन्दी हमारे देश की राष्ट्र भाषा है, भारत का आधार है हिन्दी,हर भारतवासी का स्वाभिमान है हमारी हिन्दी भारत का अभिमान है। हिन्दी को  सम्मान दो अपने दिलों में स्थान दो, हिन्दी सिर्फ देश के आम जन की भाषा ही नहीं यह उनके विचारों को व्यक्त करने का जरिया भी है।भारत की भाषा को हिन्दी के रूप में जाना जाता है,देश को हिंदुस्तान के नाम से पहचाना जाता है।हर कण में है हिन्दी बसी,जन जन की प्यारी भाषा है हिन्दी पूरे देश की आशा है, जीवन की परिभाषा है, हिन्दी हमारी मातृभाषा भाषा है। हिन्दी भाषा सबसे खास है, हिन्दी भाषा हि नहीं, भावों की अभिव्यक्ति है, हिन्दुस्तान की शान है।
प्रिया धामा